सारांश : व्यावसायिक शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास तथा आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा का विशेष महत्व है, क्योंकि यह उन्हंे आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक सशक्तिकरण एवं गरिमामय जीवन की दिशा में अग्रसर करती है। सामाजिक कुप्रथाएँ, निर्धनता, घरेलू दायित्व, विद्यालयों की दूरी तथा औपचारिक शिक्षा की कठोर संरचना के कारण बड़ी संख्या में बालिकाएँ और महिलाएँ शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभरती है।
प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की व्यावसायिक शिक्षा में महिलाओं की सहभागिता एवं नामांकन प्रवृत्तियों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में सत्र 2010-11 से 2022-23 तक के महिला नामांकन आँकड़ों का प्रवृत्ति विश्लेषण किया गया है। आँकड़ों से स्पष्ट होता है कि विभिन्न सत्रों मंे नामांकन की भागीदारी में निरंतर वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सत्र 2020-21 एवं 2022-23 में महिला नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो महिलाओं के व्यावसायिक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा के प्रति बढ़ते रूझान को दर्शाती है।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली लचीली शिक्षा व्यवस्था, विषय चयन की स्वतंत्रता, आयु सीमा में शिथिलता, कम लागत तथा घर के समीप या दूरस्थ अध्ययन की सुविधा महिलाओं के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हुई है।
अध्ययन के निष्कर्ष संकेत देते हंै कि राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की व्यावसायिक शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक है। महिलाओं की बढ़ती सहभागिता न केवल संस्थान की सफलता को दर्शाती है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
Publication Date: 2025-01-01