इक्कीसवीं सदी में समाज माध्यम (सोशल मीडिया) संचार का सबसे प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरे हैं। फेसबुक, ट्विटर (एक्स), इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सऐप, ब्लॉग तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने भाषा, संस्कृति और सामाजिक व्यवहार को गहराई से प्रभावित किया है। हिंदी भाषा, जो भारत की बहुसंख्यक आबादी की संपर्क भाषा है, समाज माध्यमों के माध्यम से नए स्वरूप में सामने आई है। इस शोध-पत्र में समाज माध्यमों पर हिंदी भाषा के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इसमें हिंदी भाषा के प्रसार, उसके स्वरूप में आए परिवर्तनों, शब्दावली, शैली, भावात्मक अभिव्यक्ति तथा सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि समाज माध्यमों ने हिंदी भाषा को लोकतांत्रिक, जनसुलभ और वैश्विक बनाने में किस प्रकार योगदान दिया है। शोध-पत्र का उद्देश्य यह समझना है कि समाज माध्यमों ने हिंदी भाषा को केवल संप्रेषण का साधन ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम भी बना दिया है।
Publication Date: 2026-02-16